00:00–14:58 व्यास पीठ पूजन 14:59–24:42 मंगलाचरण 24:43–46:57 जय जय राधारमण हरि बोल (पद) 46:58–54:09 कार्यक्रम की भूमिका और आयोजन 54:10–1:02:57 महाराज जी की बाल्यकाल से जयपुर में हुई कथा की अनुभूतियाँ 1:02:58–1:08:01 कथा के लिए उपयुक्त स्थान कौनसा है? 1:08:02–1:13:31 किशोरी जी के लाड़ की परम दशा क्या है? 1:13:32–1:17:01 भागवत जी भगवान की शब्दमयी मूर्ति है 1:17:02–1:19:31 मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य क्या है? 1:19:32–1:24:47 भज गोविन्दं 1:24:48–1:28:50 मनुष्य जीवन एक अवसर है 1:28:51–1:33:40 मनुष्य जीवन में अलग करने योग्य क्या है? 1:33:41–1:36:30 कर्मयोगी कौन है? 1:36:31–1:43:43 ज्ञानयोग मार्ग पर चलना भी कठिन होता है 1:43:44–1:48:14 कर्मयोगी, ज्ञानयोगी व भक्तियोगी कौन होता है? (उदाहरण) 1:48:15–1:48:44 भक्ति में भक्त को क्या मिलता है? 1:48:45–1:49:56 भक्ति के 64 अंग 1:49:57–1:53:54 भक्ति के 5 प्रमुख अंग 1:53:55–1:57:26 गोस्वामी जी बधाई में क्या मांगते हैं? 1:57:27–2:00:13 वैष्णव अपराध बहुत जल्दी होता है 2:00:14–2:01:53 तुलसीदास जी ने जुत्ते में खीर मांगी 2:01:54–2:03:17 मीरा बाई जीव गोस्वामी जी से मिले 2:03:18–2:06:56 नाम संकीर्तन और कथा का जोड़ा है 2:06:57–2:09:10 भागवत जी के माहात्म्य की कथाएं 2:09:11–2:10:37 आज के माहात्म्य का सार 2:10:38–2:11:45 इस कथा में भक्त चरित्र पर चर्चा होगी 2:11:46–2:19:47 श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी (कीर्तन) 2:19:48–2:26:07 महाभारत में गोविंद नाम की महिमा 2:26:08–2:27:25 भक्ति देवी कौनसा कीर्तन करती हैं? 2:27:26–2:32:14 गोविंद शब्द के अर्थ 2:32:15–2:34:15 जय किसे कहते हैं? 2:34:16–2:39:06 काम को कैसे जीत सकते हैं? 2:39:07–2:42:01 क्रोध आए तो क्या चिंतन करें? 2:42:02–2:43:55 लोभ हो तो क्या विचार करें? 2:43:56–2:51:53 एक नज़र कृपा की (पद) 2:51:54–2:52:47 ये 2 विकार आए तो क्या करें? 2:52:48–2:54:01 अग्रिम कार्यक्रम की सूचना 2:54:02–2:55:20 भागवत जी मंगलाचरण श्लोक 2:55:21–2:56:24 कथा विश्राम 2:56:25–3:02:36 राधे राधे गोविंद (कीर्तन) 3:02:37–3:05:28 आरती
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