🌺 माँ शैलपुत्री की महिमा 🌺 माँ शैलपुत्री माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों में प्रथम स्वरूप हैं। नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। माँ शैलपुत्री को प्रकृति, शक्ति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। माँ शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल सुशोभित है। वे वृषभ अर्थात बैल पर सवार रहती हैं, इसलिए इन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है। माँ का यह दिव्य स्वरूप भक्तों को धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देता है। नवरात्रि के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए, माँ शैलपुत्री की आराधना उनकी आरती के माध्यम से करें और उनके श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें। 🙏 जय माँ शैलपुत्री! जय माता दी! 🙏 https://youtu.be/6J2dpqw0faU Devi Aarti: Shailputri Mata Aarti Singer: Tripti Shakya Music Director: Arun Paudwal Lyrics: Traditional Album: Shailputri Mata Aarti Music Label: T-Series #tseriesbhaktisagar #triptishakya #shailputriaarti #deviaarti #deviaartisongs #navratriaarti If You like the video don't forget to share with others & also share your views. Stay connected with us!!! ► Subscribe: http://www.youtube.com/tseriesbhakti ► Like us on Facebook: https://www.facebook.com/BhaktiSagarTseries/ ► Follow us on Twitter: https://twitter.com/tseriesbhakti
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21 घंटे पहले