Meera Charitra Katha LIVE | Sri Pundrik Goswami Ji भक्तिमति मीरा चरित्र | श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज Experience the divine story of Bhaktimati Meera Bai a life of unwavering love, devotion and complete surrender to Shri Krishna. In this special Meera Charitra Katha, Pujya Sri Pundrik Goswami Ji Maharaj shares the inspiring journey of Meera Bai, her Prem और Bhakti for Shri Krishna, her complete dedication and the challenges she faced while remaining devoted to her beloved Thakur Ji. LIVE from Shri Shakti Mandir Dhandhan Rajasthan If you are searching for Meera Bai Katha, Meera Charitra, Meera Bai story, Meera Bai bhajan, Krishna Bhakti, Meera Bai Krishna devotion, Hindi Bhakti Katha or Pundrik Goswami Ji Maharaj Katha, this LIVE Katha is for you. Watch • Listen • Share • Subscribe Share this Katha with family and friends and help spread the message of Shri Krishna Bhakti. #sripundrik #meerabai #mirabai #krishnalove #krishnaprem #krishnabhakti #meera #sanatandharma #meerakrishna #krishnabhajan #mirabhajan भक्तिमति मीरा चरित्र | ढांढण, राजस्थान Day 1 00:00-07:52 व्यास पीठ पूजन 07:53-12:06 महाराज श्री का परिचय 12:07-20:14 मंगलाचरण 20:15-21:41 भक्ति की सचल मूर्ति मीरा बाई के चरित्र को प्रणाम 21:42-22:48 मंगलाचरण के कीर्तन का भाव 22:49-36:38 मेरो राधारमण गिरिधारी (पद) 36:39-38:35 चरित्र श्रवण से पहले ध्यान रखने योग्य बात 38:36-41:20 इस कथा का प्रभाव सती मैया के पूरे वंश को मिलेगा 41:21-42:53 महाराज श्री पर इस स्थान की विशेष कृपा है 42:54-43:44 यह महाराज श्री की पहली कथा है 43:45-45:07 मीरा बाई का विषय कैसे निश्चित हुआ? 45:08-47:07 महाराज श्री पर राधा रानी की कृपा बचपन से रही 47:08-48:00 मीरा बाई का आकर्षण सभी में है 48:01-49:32 मीरा बाई पर फिल्म भी बनी है 49:33-50:29 महाराज श्री के जीवन का केंद्र सदैव से राधारमण जी रहे हैं 50:30-51:17 राधारमण जी की सेवा में कौनसी दो चीज़ प्रधान है? 51:18-52:21 करमा बाई के पद के बिना ठाकुर जी भोग ग्रहण नहीं करते 52:22-57:08 महाराज श्री का मीरा बाई के प्रति प्रथम स्पंदन कब हुआ? 57:09-1:02:27 पग घुंघरू बांध मीरा नाचे रे (पद वर्णन सहित) 1:02:28-1:03:16 कीर्तन कब होता है? 1:03:17-1:05:37 भक्त के चरित्र में श्रोता स्वयं भगवान होते हैं 1:05:38-1:09:10 भक्तमाल की नींव किस बात पर रखी गई है? 1:09:11-1:11:28 भक्त, भक्ति, भगवंत, गुरु पद 1:11:29-1:12:12 भक्त, भक्ति, भगवंत और गुरु में भेद नहीं 1:12:13-1:15:43 अभिनय करना ही है तो किसी भक्त का करो 1:15:44-1:16:30 संसार यदि स्वप्न है तो सत्य क्या है? 1:16:31-1:18:06 भक्त की जिम्मेदारी स्वयं भगवान लेते हैं 1:18:07-1:19:34 सामान्य जीव और भक्त में क्या अंतर है? 1:19:35-1:20:50 नाभादास जी द्वारा रचित पंक्ति 1:20:51-1:24:17 नाभा जी ने मीरा बाई को निडर भक्त क्यों कहा? 1:24:18-1:27:02 गीता के प्रवचन के बाद भी अर्जुन निरंकुश न हो सका 1:27:03-1:28:58 श्री कृष्ण से प्रेम की सीमा गोपी है 1:28:59-1:30:07 जगन्नाथ मंदिर में ध्वजा चढ़ाने वाले पण्डा का भाव 1:30:08-1:31:39 गोपी जैसा प्रेम कौन कर पाया है? 1:31:40-1:35:53 गोपी प्रेम की ध्वजा (पद) 1:35:54-1:38:42 मीरा बाई पूर्वजन्म में कौन थे? 1:38:43-1:40:53 माधवी (मीरा बाई) का विवाह किससे हुआ? 1:40:54-1:48:10 माधवी की माता ने श्री कृष्ण से बचने की सीख दी 1:48:11-1:53:12 माधवी का नंदगांव आगमन 1:53:13-1:57:14 आगे गाय पाछे गाय (पद-प्रसंग सहित) 1:57:15-2:01:55 ठाकुर जी माधवी से नाराज होकर चले गए 2:01:56-2:04:13 माधवी की सास-ससुर, पति सभी श्री कृष्ण के प्रेम में बावरे हैं 2:04:14-2:08:39 माधवी की पहली दिवाली और गिरिराज पूजन 2:08:40-2:09:05 मीरा बाई के इष्ट गिरधर लाल क्यों हैं? 2:09:06-2:13:26 श्री कृष्ण ने गिरिराज जी धारण किए 2:13:27-2:19:32 माधवी को ठाकुर जी के प्रथम दर्शन हुए 2:19:33-2:24:40 सखी री मेरो राधारमण (पद) 2:24:41-2:26:02 गिरिराज जी ठाकुर जी ने नहीं किशोरी जी ने उठाया था 2:26:03-2:29:01 ठाकुर जी ने किशोरी जी के दर्शन के लिए कौनसी लीला की? 2:29:02-2:31:48 ठाकुर जी के मथुरा जाने का संदेश मिला 2:31:49-2:32:51 माधवी ने प्रिया-प्रीतम मिलन का प्रथम दर्शन किया 2:32:52-2:33:43 ठाकुर जी ने माधवी को कलयुग में जन्म लेने को कहा 2:33:44-2:35:05 मीरा बाई के पुनर्जन्म का कारण 2:35:06-2:36:10 चंपकलता सखी ने भी कलयुग में जन्म लिया 2:36:11-2:40:17 कुरुक्षेत्र में रुक्मणि जी और किशोरी जी का अद्भुत मिलन 2:40:18-2:41:12 माधवी ने अंत समय में किसका स्मरण किया? 2:41:13-2:42:20 मेड़ता भूमि मीरा बाई के जन्म से धन्य हुई 2:42:21-2:43:32 कथा विश्राम संकेत 2:43:33-2:49:05 राधे राधे गोविंद (कीर्तन)
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