श्रीमद् रुद्र भागवत कथा, बढ़लगंज,2026, Day 4 00:00–07:04 व्यास पूजन 07:05–25:15 नारायण जी द्वारा कुछ शब्द 25:16–36:30 विधायक जी के द्वारा कुछ शब्द 36:31–40:18 सीता राम (संकीर्तन) 40:19–56:32 संतों द्वारा कुछ शब्द 56:33–1:04:06 मंगलाचरण 1:04:07–1:17:22 श्यामसुंदर मनमोहन प्यारे (पद) 1:17:23–1:19:48 भगवान अत्यंत सुलभ है 1:19:49-1:27:23 संतों का स्वागत ओर उनके लिये कुछ शब्द 1:27:24-1:28:51 वृन्दावन का सबसे बड़ा धन क्या है 1:28:52-1:38:49 कोनसे श्लोक से सब परेशानी दूर हो जाती है 1:38:50-1:40:28 श्लोक 1:40:29-1:45:49 आकर्षण ओर श्रद्धा मैं अंतर 1:45:50-1:53:06 संत ओर शिष्य का प्रसंग 1:53:07-1:56:45 भगवान का कौनसा विग्रह श्रेष्ठ होता है 1:56:46-1:59:55 जिसके प्रति आकर्षण होता है उसका स्वरूप एक क्षण मैं बस जाता है 1:59:56-2:01:17 भगवान के दर्शन कैसे करे 2:01:18-2:02:10 ठाकुर जी के शरीर मैं 26 अंग है 2:02:11-2:04:15 महाराज जी ने किए सबसे पहले राम लाला के दर्शन 2:04:16-2:07:49 ठाकुर जी के अंगों का वर्णन 2:07:50-2:08:50 कथा विश्राम संकेत 2:08:51-2:15:19 काशी विश्वनाथ (कीर्तन) 2:15:20-2:24:50 कथा आरती एवं विश्राम
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!
पिछला सप्ताह