श्रीमद् भक्त भागवत कथा, जयपुर ,2026 Day 5 00:00–11:46 व्यास पीठ पूजन 11:47–18:38 मंगलाचरण 18:39–48:54 जय जय राधारमण हरि बोल (पद) 48:55–51:44 सभी को राधे राधे 51:45–53:54 ये कथा सुनने वालों पर राधारानी की कृपा है 53:55–56:56 नंदोत्सव में बधाई का ही आनंद है 56:57–58:01 भीख, भिक्षा व दान का अर्थ 58:02–59:35 राधारमण जी के जन्म पर सब बधाई लेते हैं 59:36–1:03:37 श्री राधारमण लाल कछु दीजे (पद) 1:03:38–1:04:11 आचार्य जी का आगमन 1:04:12–1:07:22 नन्द घर आनंद भयो 1:07:23–1:11:52 नंद महोत्सव विशेष क्यों है? 1:11:53–1:12:46 जातकर्म संस्कार करना ज़रूरी 1:12:47–1:13:38 नवजात शिशु को गोद में लेकर भगवान का नाम लें 1:13:39–1:16:28 सबसे पहले धर्म में संशय ही आता है 1:16:29–1:17:06 सभी को बधाई 1:17:07–1:28:08 पूतना प्रसंग 1:28:09–1:31:16 भगवान द्वारा किये गए कार्य के बहुत कारण होते हैं 1:31:17–1:44:30 पूतना के स्तनपान के 8 कारण 1:44:31–1:46:31 पूतना पर खूब कृपा हुई 1:46:32–1:52:02 प्रेम के लिए सम्बंध ज़रूरी (मीरा बाई प्रसंग) 1:52:03–1:57:35 ठाकुर जी सम्बन्धानुबद्ध प्रीति का निर्वाह करते हैं 1:57:36–2:06:02 जपे जा राधे राधे (भजन) 2:06:03–2:07:40 ब्रजवासी भी सम्बन्धानुबद्ध प्रीति निभाते हैं 2:07:41–2:11:24 ठाकुर जी में शक्ति संधान कैसे हुआ? 2:11:25–2:13:37 पूतना उद्धार 2:13:38–2:23:26 संतों द्वारा प्रवचन 2:23:27–2:24:49 आचार्य जी के लिए महाराज जी द्वारा दो शब्द
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