महादेव को अभिषेक प्रिय है, भगवान विष्णु को स्तुति — गूढ़ रहस्य क्या है? “भगवान विष्णु को स्तुति प्रिय है" का अर्थ यह नहीं कि भगवान अपनी प्रशंसा सुनकर प्रसन्न होते हैं, बल्कि जो वास्तव में स्तुति के योग्य है, उसके गुणों का स्नेहपूर्वक, सत्य भाव से गायन करना ही सच्ची स्तुति है। इसी प्रकार “महादेव को अभिषेक प्रिय है” का गूढ़ अर्थ केवल जल चढ़ाना नहीं, बल्कि जहाँ भी शिवत्व — यानी कल्याणकारी कार्य, शुभ संकल्प और सेवा का भाव दिखे, वहाँ अपने प्रेम, सहयोग और समर्पण की वर्षा करना ही सच्चा अभिषेक है। यह प्रवचन हमें सिखाता है:- - चापलूसी और सच्ची स्तुति में अंतर - पूज्य और अपूज्य का विवेक - समाज में सम्मान के सही मापदंड - “शिव संकल्प” — हर विचार से पहले कल्याण का चिंतन - वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से जीवन जीना जब समाज पूजनीय का सम्मान करना छोड़ देता है और अपूज्य को स्थान देने लगता है, तब अभाव, भय और विनाश का मार्ग खुलता है। इसलिए जो स्तुति के योग्य है, उसकी स्तुति और जो पूज्य है, उसकी पूजा — यही धर्म है, यही संतुलन है। #Mahadev #Vishnu #ShivSankalp #SanatanDharma #SpiritualWisdom #BhagwatKatha #HinduPhilosophy Subscribe to @PPBhaishri to stay connected to divinity. 🔔 Follow Pujya Bhaishri on Twitter, Instagram, Facebook for regular Seva, Satsang and Sankirtan snippets. 📲 IG - https://bit.ly/PBRO-IG 👉🏼 X - https://bit.ly/PBRO-X 👋🏾 FB - https://bit.ly/PBRO-FB 🔴 For the latest Bhajan, Kirtan, Katha-Event, SVN- News, SVN-Kids episodes, click on the bell icon to subscribe to notifications on OFFICIAL YouTube channels 🔔Sandipani.TV for LIVE events ▶️ https://www.youtube.com//sandipanitv 🔔Bhaishri Rameshbhai Oza for Kathā Clips and Sandesh ▶️ https://www.youtube.com//bhaishrirameshbhaioza 🔔Bhaishri Bhajans Sankirtan ▶️ https://www.youtube.com//bhaishribhajansankirtan To stay connected: https://www.sandipani.org/
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