श्रीमद् भक्त भागवत कथा, जयपुर Day 7 00:00–08:15 व्यास पूजन 08:16–13:47 मंगलाचरण 13:48–31:11 जय जय राधारमण (पद) 31:12–36:33 सभी संतों, कथा श्रोताओं एवं आयोजकों का अभिवादन 36:34–41:22 वृंदावन के पहले और अब के समय में परिवर्तन? 41:23–42:52 सात दिन के उत्सव की बधाई 42:53–46:34 सात दिन की कथा का सार क्या है? 46:35–52:51 राधारमण हमारे मीत (पद) 52:52–55:32 कथा की धारा क्या है? 55:33–57:22 श्रवण साधना 57:23–1:00:57 वृक्षारोपण का कितना महत्व है? 1:00:58–1:04:20 भक्ति में श्रद्धा कैसे आएगी? 1:04:21–1:07:17 हर श्वास में भगवान का नाम जपो 1:07:18–1:11:39 ठाकुर जी कैसे अटक जाते हैं? 1:11:40–1:24:03 किन प्रयासों से भगवान की प्राप्ति होगी? 1:24:04–1:26:32 नारद जी कैसे गुरु हैं? 1:26:33–1:30:27 गुरु की खोज कैसे पूरी होगी? 1:30:28–1:38:42 ब्रज में परिवेश पद्धति क्या है? 1:38:43–1:43:48 ब्रज भूमि मोहिनी (पद) 1:43:49–1:45:31 जानने और मानने में क्या अंतर है? 1:45:32–1:46:50 ठाकुर जी का Me Time 1:46:51–1:56:18 उद्धो कब वृंदावन जाऊँ (पद) 1:56:19–1:58:05 रूप गोस्वामी जी द्वारा रचित ग्रंथ 1:58:06–2:06:52 नारद जी ने भगवान के मुख से किनका नाम सुना? 2:06:53–2:20:24 राधा नाम संकीर्तन 2:20:25–2:26:53 कथा की अग्रिम सूचना एवं सभी को प्रणाम 2:26:54–2:31:24 जगद्गुरु जी द्वारा संबोधन 2:31:25–2:32:40 श्री चंद्रशेखर जी द्वारा संबोधन 2:32:41–2:36:30 कथा आरती व विश्राम
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