श्री भक्तमाल कथा | श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी जी | श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज Join Sri Pundrik Goswami Ji Maharaj LIVE as he shares the inspiring Charitra of Shri Gopal Bhatt Goswami Ji, one of the great saints of the Gaudiya Vaishnava tradition, who manifested Shri Radha Raman Lal in Vrindavan. Discover his divine connection with Shri Chaitanya Mahaprabhu, his unwavering Guru-seva and Vaishnava-seva, deep Krishna Bhakti, humility, surrender, and his contribution to the devotional tradition of Vrindavan. Through Shri Gopal Bhatt Goswami Ji’s life, understand the true meaning of Bhakti, Seva, Naam-smaran and complete surrender to Shri Radha-Krishna. 🗓️ 12th to 16th September ⏰ 4PM - 7PM 📍 Birla Matoshri Sabhagar, Marine Line, MUMBAI Watch LIVE, share with your family and invite more devotees to join this divine Katha. #sripundrik #bhaktmalkatha #bhagwatkatha #radharaman #mumbai #spirituality #sanatandharma #bhaktikatha #bhakti #gaudiyavaishnavism #chaitanyamahaprabhu #ganeshchaturthi भक्तमाल जी की कथा , मुंबई 2026 Day 1 00:00-13:55 व्यास पीठ पूजन 13:56-20:50 संचालक जी द्वारा संबोधन 20:51-28:08 मंगलाचरण 28:09-45:52 जय राधा माधव (पद) 45:53-47:21 प्रणाम 47:22-49:46 यजमान परिवार को अभिवादन 49:47-50:52 इस कथा का उत्साह नववधु सा है 50:53-52:39 तीनों पीढ़ियों ने इस स्थली पर सेवा की है 52:40-54:41 कथा स्थली से महाराज श्री की अनमोल स्मृतियाँ जुड़ी हैं 54:42-55:38 ये महाराज श्री की पीढ़ी की प्रथम भक्तमाल कथा है? 55:39-57:28 'क' शब्द से जिज्ञासा शुरू होती है और 'कृष्ण' पर खत्म होती है 57:29-1:01:43 क्यों से कृष्ण के बीच की नदी का नाम कथा है 1:01:44-1:03:29 भक्तों के चरित्र में डूबने पर कृष्ण का दर्शन होता है 1:03:30-1:04:28 भक्त,भक्ति,भगवंत और गुरु यह चारों एक ही है 1:04:29-1:06:09 भक्त की कथा भगवान की कथा से भी कठिन क्यों है? 1:06:10-1:07:48 भक्त बनने के लिए भक्तों का अनुकरण करना पड़ेगा 1:07:49-1:09:26 क्या भक्त बनना सच में सरल है? 1:09:27-1:11:59 झूठो करे सांचों होई सांचों करे बिरला कोई 1:12:00-1:13:03 भक्तमाल के प्रथम श्रोता स्वयं बिहारी जी हैं 1:13:04-1:14:06 लक्ष्मी जी नारायण के चरण दबाते समय उनको क्या सुनाती हैं? 1:14:07-1:17:23 भक्तों की कथा का क्रम कैसे तय हुआ? 1:17:24-1:19:28 इन 5 भक्तों का स्वभाव इन 5 तत्वों से मिलता है 1:19:29-1:21:15 जय प्राणधन राधारमण (पद एक पंक्ति) 1:21:16-1:22:31 अनंत संहिता में शिवजी पार्वती जी को क्या बताते हैं? 1:22:32-1:24:55 श्रीकृष्ण ने श्रीजी को अपनी उदासी का कारण बताया 1:24:56-1:28:46 चैतन्य महाप्रभु का प्राकट्य 1:28:47-1:29:20 तीन परंपरा ऐसी हैं जिनमें स्वयं भगवान प्रकट हुए हैं 1:29:21-1:37:28 अनोखे गौर बनकर के (पद) 1:37:29-1:38:00 कथा में कीर्तन में क्या होता है? 1:38:01-1:39:54 महाप्रभु संन्यास लेकर नीलाचल में रहे 1:39:55-1:41:58 महाप्रभु गंभीरा में रहकर भजन करते 1:41:59-1:45:05 महाप्रभु ने दक्षिण यात्रा की 1:45:06-1:46:07 रंगनाथ मंदिर भारत का सबसे बड़ा मंदिर है 1:46:08-1:47:16 रंगनाथ जी ब्रह्मा जी व त्रेता में रामजी के आराध्य हैं 1:47:17-1:56:42 रंगनाथ मंदिर के पीछे की कहानी 1:56:43-2:02:16 महाप्रभु ने रंगनाथ जी के सामने कीर्तन किया 2:02:17-2:05:52 चातुर्मास्य में महाप्रभु जी वेंकटेश भट्ट के घर रहे 2:05:53-2:11:16 गोपाल भट्ट जी ने महाप्रभु का अद्भुत स्वरूप देखा 2:11:17-2:14:13 महाप्रभु ने गलत श्लोक बोलने वाले ब्राह्मण की प्रशंसा क्यों की? 2:14:14-2:15:52 गोपाल भट्ट जी ने क्या स्वप्न देखा? 2:15:53-2:18:01 कृष्ण कृष्ण हे 2:18:02-2:21:04 महाप्रभु ने वेंकटेश भट्ट से गोपाल भट्ट जी को मांगा 2:21:05-2:24:28 वृंदावन को महाप्रभु ने प्रकट किया 2:24:29-2:25:44 गोपाल भट्ट जी ब्रज आए 2:25:45-2:27:56 महाप्रभु जी ने गोपाल भट्ट जी को अपना पट्टा, बहिर्वास और लंगोटी दी 2:27:57-2:32:04 गोपाल भट्ट जी को द्वादश शालिग्राम प्राप्त हुए 2:32:05-2:38:05 राधारमण लाल का प्राकट्य 2:38:06-2:40:32 मेरो वृंदावन (पद) 2:40:33-2:42:36 ब्रज में उत्सव हुआ 2:42:37-2:43:47 मंदिर की अखंड अग्नि और गोपाल भट्ट जी द्वारा लिखित ग्रंथ 2:43:48-2:44:56 मंदिर की सेवा परंपरा कैसे आगे बढ़ी? 2:44:57-2:45:29 राधारमण लाल सांचों ठाकुर है 2:45:30-2:47:16 ये कथा सुनकर किसको प्रसन्नता होगी? 2:47:17-2:49:46 जय जय राधारमण (संकीर्तन) 2:49:47-2:51:19 इस कथा में paas की व्यवस्था क्यों की? 2:51:20-2:55:15 मंगल गीत
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