तिब्बत - चीन के ग्यिरोंग में आई अचानक और भीषण बाढ़ की चपेट में हमारी कैलाश यात्रा का एक दल आ गया है। लौटते समय, जब यह त्रासदी हुई, वे सभी इमिग्रेशन ऑफिस में थे। ऐसा अंदेशा है कि उस इमारत और शहर का एक बड़ा हिस्सा इस बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। हम सभी, हमारे वॉलंटियर्स और सहयोगी दल गहरे आघात और दुःख में हैं। साथ ही, राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है। हम अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द उस जगह तक पहुँचा जा सके। इस बचाव कार्य के लिए हम किसी भी स्तर का जोखिम उठाने को तैयार हैं। हमारी इस यात्रा के 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं। 743 लोग अभी तिब्बत में हैं, 148 लोग नेपाल में हैं, 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे, और 3 वॉलंटियर्स नेपाल के टिमुरे में हैं। हमारे दल के सदस्यों के परिजनों, प्रियजनों और इस आपदा से प्रभावित अन्य सभी लोगों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। आपका दर्द मेरी अपनी पीड़ा है। इस अत्यंत कठिन घड़ी में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मैं स्वयं इस क्षेत्र में उपस्थित हूँ, ताकि इन कठिन परिस्थितियों में जो भी सबसे बेहतर किया जा सकता है, वह सुनिश्चित हो सके। 🙏🏽 — सद्गुरु
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