श्रीमद् भागवत् राधारमण कथा , लखनऊ day 6 00:00–04:57 मंगलाचरण 04:58–18:24 जय जय राधारमण (पद) 18:25–20:00 सभी आयोजकों व श्रोताओं का अभिवादन 20:01–25:56 इस पितृपक्ष की कथा का आयोजन कैसे बना? 25:57–30:37 सदैव भगवान की प्रसन्नता के लिए कार्य करें 30:38–38:52 ठाकुर जी की कृपा की अनुभूति कैसे होगी? 38:53–46:10 ठाकुर जी की लीलाओं का केवल चिंतन करें 46:11–51:02 विट्ठल माझा माझा (भजन) 51:03–58:05 चमत्कार की व्याख्या क्या है? 58:06–1:01:33 लखनऊ और वृंदावन का क्या संबंध है? 1:01:34–1:08:42 ठाकुर जी की दिव्यता क्या है? 1:08:43–1:12:31 शरद पूर्णिमा का उत्सव कैसे मनाएँ? 1:12:32–1:14:23 ठाकुर जी गोपियों को कैसे बुलाते हैं? 1:14:24–1:27:01 एक माला, एक इष्ट और एक आसन—ये साधक के लिए अनिवार्य है 1:27:02–1:32:17 रास साधारण नृत्य क्यों नहीं है? 1:32:18–1:35:12 ब्रज का रूप कमल है 1:35:13–1:42:53 राधे श्याम से मिला दो (भजन) 1:42:54–1:46:17 गोपी गीत 1:46:18–1:52:32 सेवा के मुख्य रूप क्या है? 1:52:33–1:55:25 वृंदावन मेरो वृंदावन (भजन) 1:55:26–2:01:43 रास रच्यो है (भजन) 2:01:44–2:11:59 मीठे रस से भरयो री (भजन) 2:12:00–2:19:34 श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह 2:19:35–2:21:29 अग्रिम सूचना 2:21:30–2:23:00 कथा विश्राम
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