राजा कौशिक की पत्नी को यह भ्रम हो जाता है कि महर्षि वशिष्ठ ने उनके पति को बंदी बना लिया है। व्याकुल होकर वह वशिष्ठ आश्रम पहुँचती हैं और राजा कौशिक की मुक्ति की प्रार्थना करती हैं। तब महर्षि वशिष्ठ उन्हें सत्य बताते हैं कि माता कामधेनु को पाने की प्रबल लालसा में राजा कौशिक स्वयं ही वन में जाकर घोर तपस्या कर रहे हैं। जो समुद्र मंथन से प्रकट हुए 14 रत्नों में से एक हैं, श्रीकृष्ण के हृदय में विराजमान हैं, मनवांछित वर प्रदान करती हैं, दुष्टों का संहार और संतों का उद्धार करती हैं तथा ऋषि-मुनियों की पूजनीय हैं, वह हैं माता कामधेनु! माता कामधेनु सृजन, समृद्धि और कल्याण की देवी हैं। समुद्र मंथन से प्रकट होकर उन्होंने समस्त लोकों के पालन-पोषण का दायित्व संभाला। उनका महात्म्य ऐसा है कि वे भगवान श्रीकृष्ण से लेकर ऋषि-मुनियों तक के हृदय में युगों-युगों से विराजमान हैं। माता कामधेनु की कृपा से जीवन में सौभाग्य के बंद द्वार खुल जाते हैं। माता कामधेनु की यह महागाथा उनके मातृत्व की ममता, महिमा और दिव्यता का प्रतिबिंब है। यह शो मुख्य रूप से निम्नलिखित ग्रंथों पर आधारित है— गौ अंक हरिवंश पुराण विष्णु पुराण गरुड़ पुराण श्रीमद्भागवत महापुराण ब्रह्मवैवर्त पुराण स्कंद पुराण शोध श्रीकांत विश्वकर्मा विनय द्विवेदी कहानी प्रेम सागर एवं शिव सागर पटकथा श्रीकांत विश्वकर्मा संवाद विनय कुमार संगीत सूर्य राज कमल शीर्षक गीत सतीश देहरा बैकग्राउंड संगीत लेनिन नंदी गीतकार सुरेश तिवारी पोस्ट हेड रॉबिन शर्मा क्रिएटिव डायरेक्टर शिव सागर एसोसिएट क्रिएटिव डायरेक्टर अभिषेक चौबे छायांकन निर्देशक (डीओपी) प्रकाश जनार्दन शिंगाड़ द्वितीय इकाई निर्देशक धवल दर्जी निर्देशक राकेश रामनलाल व्यास निर्माता प्रेम सागर नीलम सागर शिव सागर सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स कलाकार हरलीन कौर — गौ माता कामधेनु विशाल नायक — कृष्ण नेहा परदेशी — राधा अनमोल सोनी — महादेव संदीप मोहन — वशिष्ठ सुगंधा — अरुंधती प्रियांशी रघुवंशी — पार्वती ज्ञानेश्वर कुमार राय — ब्रह्मा रोहित देवड़ा — इंद्र अलिका नायर — शची आकाश सिसोदिया — बलि शुभम सेहरावत — विश्वरथ हरमिंदर कौर — विश्वरथ की पत्नी मनदीप कौर — गंगा शेखर मेहता — शांतनु देवानंद पाठक — परशुराम जो समुद्र मंथन से प्रकट हुए 14 रत्नों में से एक हैं, श्रीकृष्ण के हृदय में विराजमान हैं, मनवांछित वर प्रदान करती हैं, दुष्टों का संहार और संतों का उद्धार करती हैं तथा ऋषि-मुनियों की पूजनीय हैं, वह हैं माता कामधेनु! माता कामधेनु सृजन, समृद्धि और कल्याण की देवी हैं। समुद्र मंथन से प्रकट होकर उन्होंने समस्त लोकों के पालन-पोषण का दायित्व संभाला। उनका महात्म्य ऐसा है कि वे भगवान श्रीकृष्ण से लेकर ऋषि-मुनियों तक के हृदय में युगों-युगों से विराजमान हैं। माता कामधेनु की कृपा से जीवन में सौभाग्य के बंद द्वार खुल जाते हैं। माता कामधेनु की यह महागाथा उनके मातृत्व की ममता, महिमा और दिव्यता का प्रतिबिंब है। यह शो मुख्य रूप से निम्नलिखित ग्रंथों पर आधारित है— गौ अंक हरिवंश पुराण विष्णु पुराण गरुड़ पुराण श्रीमद्भागवत महापुराण ब्रह्मवैवर्त पुराण स्कंद पुराण शोध श्रीकांत विश्वकर्मा विनय द्विवेदी कहानी प्रेम सागर एवं शिव सागर पटकथा श्रीकांत विश्वकर्मा संवाद विनय कुमार संगीत सूर्य राज कमल शीर्षक गीत सतीश देहरा बैकग्राउंड संगीत लेनिन नंदी गीतकार सुरेश तिवारी पोस्ट हेड रॉबिन शर्मा क्रिएटिव डायरेक्टर शिव सागर एसोसिएट क्रिएटिव डायरेक्टर अभिषेक चौबे छायांकन निर्देशक (डीओपी) प्रकाश जनार्दन शिंगाड़ द्वितीय इकाई निर्देशक धवल दर्जी निर्देशक राकेश रामनलाल व्यास निर्माता प्रेम सागर नीलम सागर शिव सागर सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स कलाकार हरलीन कौर — गौ माता कामधेनु विशाल नायक — कृष्ण नेहा परदेशी — राधा अनमोल सोनी — महादेव संदीप मोहन — वशिष्ठ सुगंधा — अरुंधती प्रियांशी रघुवंशी — पार्वती ज्ञानेश्वर कुमार राय — ब्रह्मा रोहित देवड़ा — इंद्र अलिका नायर — शची आकाश सिसोदिया — बलि शुभम सेहरावत — विश्वरथ हरमिंदर कौर — विश्वरथ की पत्नी मनदीप कौर — गंगा शेखर मेहता — शांतनु देवानंद पाठक — परशुराम Turn on screen reader support To enable screen reader support, press ⌘+Option+Z To learn about keyboard shortcuts, press ⌘slashBanner hiddenAdarsh Singh has joined the document. #kaamdhenu #gaumata #kaamdhenugaumata #Tilak #sagarworld
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8:25Tilak
23 घंटे पहले