Watch The All Full Episodes of ''Kaamdhenu Gaumata'' Here : https://www.youtube.com/show/VLPLVS_34Cm5Xzk?sbp=QAE%3D कामधेनु गौमाता के इस प्रसंग में राजा कौशिक पुनः महर्षि वशिष्ठ के आश्रम पहुँचकर माता कामधेनु को पाने की इच्छा प्रकट करते हैं। महर्षि वशिष्ठ उन्हें समझाते हैं कि उनका जन्म किसी सांसारिक प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि एक महान और पवित्र उद्देश्य की पूर्ति के लिए हुआ है। परंतु अहंकार में डूबे कौशिक उनकी बात नहीं मानते और कामधेनु को पाने के लिए युद्ध की चुनौती दे देते हैं। तब माता कामधेनु अपने दिव्य स्वरूप में प्रकट होकर राजा कौशिक के अहंकार और शक्ति का परीक्षण करती हैं। रस्सी और कमंडल तक न उठा पाने पर कौशिक को अपनी शक्ति के क्षीण होने का बोध होता है। अंततः वे ब्रह्मऋषि बनने और अपनी खोई शक्ति पुनः प्राप्त करने का संकल्प लेते हैं। वहीं दूसरी ओर, इंद्रलोक में देवगुरु का पद रिक्त होने पर देवराज इंद्र की दृष्टि ऋषि त्वष्टा के विद्वान पुत्र विश्वरूप पर पड़ती है और वे उन्हें स्वर्गलोक का गुरुपद प्रदान करने का प्रस्ताव देते हैं। Raja Kaushik returns to Rishi Vashishtha’s ashram and demands Gau Mata Kamdhenu, but Vashishtha reminds him that he is destined for a greater purpose. When Kaushik challenges him, Kamdhenu tests his strength, and he fails to untie her rope and lift the kamandalu. Realizing that he has lost his powers, Kaushik vows to return only after becoming a Brahmarishi. Meanwhile, the post of Devguru becomes vacant in Indralok. Indra chooses the learned Rishi Vishwaroop, son of Rishi Tvashta, for the position. "जो समुद्र मंथन से प्रकट हुए 14 रत्नों में से एक हैं, श्रीकृष्ण के हृदय में विराजमान हैं, मनवांछित वर प्रदान करती हैं, दुष्टों का संहार और संतों का उद्धार करती हैं तथा ऋषि-मुनियों की पूजनीय हैं, वह हैं माता कामधेनु! माता कामधेनु सृजन, समृद्धि और कल्याण की देवी हैं। समुद्र मंथन से प्रकट होकर उन्होंने समस्त लोकों के पालन-पोषण का दायित्व संभाला। उनका महात्म्य ऐसा है कि वे भगवान श्रीकृष्ण से लेकर ऋषि-मुनियों तक के हृदय में युगों-युगों से विराजमान हैं। माता कामधेनु की कृपा से जीवन में सौभाग्य के बंद द्वार खुल जाते हैं। माता कामधेनु की यह महागाथा उनके मातृत्व की ममता, महिमा और दिव्यता का प्रतिबिंब है। यह शो मुख्य रूप से निम्नलिखित ग्रंथों पर आधारित है— गौ अंक हरिवंश पुराण विष्णु पुराण गरुड़ पुराण श्रीमद्भागवत महापुराण ब्रह्मवैवर्त पुराण स्कंद पुराण शोध श्रीकांत विश्वकर्मा विनय द्विवेदी कहानी प्रेम सागर एवं शिव सागर पटकथा श्रीकांत विश्वकर्मा संवाद विनय कुमार संगीत सूर्य राज कमल शीर्षक गीत सतीश देहरा बैकग्राउंड संगीत लेनिन नंदी गीतकार सुरेश तिवारी पोस्ट हेड रॉबिन शर्मा क्रिएटिव डायरेक्टर शिव सागर एसोसिएट क्रिएटिव डायरेक्टर अभिषेक चौबे छायांकन निर्देशक (डीओपी) प्रकाश जनार्दन शिंगाड़ द्वितीय इकाई निर्देशक धवल दर्जी निर्देशक राकेश रामनलाल व्यास निर्माता प्रेम सागर नीलम सागर शिव सागर सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स कलाकार हरलीन कौर — गौ माता कामधेनु विशाल नायक — कृष्ण नेहा परदेशी — राधा अनमोल सोनी — महादेव संदीप मोहन — वशिष्ठ सुगंधा — अरुंधती प्रियांशी रघुवंशी — पार्वती ज्ञानेश्वर कुमार राय — ब्रह्मा रोहित देवड़ा — इंद्र अलिका नायर — शची आकाश सिसोदिया — बलि शुभम सेहरावत — विश्वरथ हरमिंदर कौर — विश्वरथ की पत्नी मनदीप कौर — गंगा शेखर मेहता — शांतनु देवानंद पाठक — परशुराम #kaamdhenu#gaumata#kaamdhenugaumata#Tilak#sagarworld
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9:38Tilak
16 घंटे पहले