Watch The All Full Episodes of ''Kaamdhenu Gaumata'' Here : https://www.youtube.com/show/VLPLVS_34Cm5Xzk?sbp=QAE%3D गुरु बृहस्पति इस बात से क्रोधित हो जाते हैं कि गौ माता कामधेनु ने इंद्र के भीषण पाप का भार स्वयं अपने ऊपर ले लिया है। वहीं, दैत्य दल भी कामधेनु की इस लीला से असमंजस में पड़ जाता है। असुरराज बलि इसे दैत्यों के लिए घातक बताते हैं, तो दैत्यगुरु शुक्राचार्य इंद्र को संकट में डालने की युक्ति सुझाते हैं। उधर, कामधेनु के त्याग से प्रभावित इंद्र कमल पुष्प से बाहर आने का निर्णय लेते हैं। तभी ब्रह्मप्रेत इंद्र को दंड देने पहुँचता है, जहाँ कामधेनु उसे अपने भीतर समाने की चुनौती देती हैं। इंद्र पर प्रहार करने बढ़ते ब्रह्मप्रेत का मार्ग कामधेनु रोक लेती हैं। इसी बीच, समस्त देवी-देवता कामधेनु के शरीर में समाकर उन्हें दिव्य शक्ति प्रदान करते हैं। यह देखकर ब्रह्मप्रेत विचलित हो जाता है। महादेव उसे बताते हैं कि जहाँ पाप और दुष्कर्म होंगे, वहीं उसका स्थान होगा। तत्पश्चात भूदेवी इंद्र के पाप को प्रकृति में छह भागों में बाँटने का संकल्प लेती हैं। Guru Brihaspati gets angry as Gau Mata Kamdhenu takes the burden of Indra’s sin upon herself. King Bali fears that Indra’s survival will harm the demons, while Shukracharya finds a way to trouble him. Touched by Kamdhenu’s sacrifice, Indra decides to leave the lotus flower. When Brahmapret arrives to punish him, Kamdhenu protects Indra. All the gods and goddesses enter her body to strengthen her, leaving Brahmapret helpless. Mahadev tells Brahmapret that he will live wherever sin and evil deeds exist. Meanwhile, Bhudevi decides to divide Indra’s sin into six parts and spread them throughout nature. जो समुद्र मंथन से प्रकट हुए 14 रत्नों में से एक हैं, श्रीकृष्ण के हृदय में विराजमान हैं, मनवांछित वर प्रदान करती हैं, दुष्टों का संहार और संतों का उद्धार करती हैं तथा ऋषि-मुनियों की पूजनीय हैं, वह हैं माता कामधेनु! माता कामधेनु सृजन, समृद्धि और कल्याण की देवी हैं। समुद्र मंथन से प्रकट होकर उन्होंने समस्त लोकों के पालन-पोषण का दायित्व संभाला। उनका महात्म्य ऐसा है कि वे भगवान श्रीकृष्ण से लेकर ऋषि-मुनियों तक के हृदय में युगों-युगों से विराजमान हैं। माता कामधेनु की कृपा से जीवन में सौभाग्य के बंद द्वार खुल जाते हैं। माता कामधेनु की यह महागाथा उनके मातृत्व की ममता, महिमा और दिव्यता का प्रतिबिंब है। यह शो मुख्य रूप से निम्नलिखित ग्रंथों पर आधारित है— गौ अंक हरिवंश पुराण विष्णु पुराण गरुड़ पुराण श्रीमद्भागवत महापुराण ब्रह्मवैवर्त पुराण स्कंद पुराण शोध श्रीकांत विश्वकर्मा विनय द्विवेदी कहानी प्रेम सागर एवं शिव सागर पटकथा श्रीकांत विश्वकर्मा संवाद विनय कुमार संगीत सूर्य राज कमल शीर्षक गीत सतीश देहरा बैकग्राउंड संगीत लेनिन नंदी गीतकार सुरेश तिवारी पोस्ट हेड रॉबिन शर्मा क्रिएटिव डायरेक्टर शिव सागर एसोसिएट क्रिएटिव डायरेक्टर अभिषेक चौबे छायांकन निर्देशक (डीओपी) प्रकाश जनार्दन शिंगाड़ द्वितीय इकाई निर्देशक धवल दर्जी निर्देशक राकेश रामनलाल व्यास निर्माता प्रेम सागर नीलम सागर शिव सागर सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स कलाकार हरलीन कौर — गौ माता कामधेनु विशाल नायक — कृष्ण नेहा परदेशी — राधा अनमोल सोनी — महादेव संदीप मोहन — वशिष्ठ सुगंधा — अरुंधती प्रियांशी रघुवंशी — पार्वती ज्ञानेश्वर कुमार राय — ब्रह्मा रोहित देवड़ा — इंद्र अलिका नायर — शची आकाश सिसोदिया — बलि शुभम सेहरावत — विश्वरथ हरमिंदर कौर — विश्वरथ की पत्नी मनदीप कौर — गंगा शेखर मेहता — शांतनु देवानंद पाठक — परशुराम #kaamdhenu#gaumata#kaamdhenugaumata#Tilak#sagarworld
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5:19Tilak
22 घंटे पहले