एक दिन अंतरिक्ष मार्ग से भ्रमण कर रहे रावण के गुप्तचर दैत्यों को देवी वैष्णव के आश्रम से निकल रहे प्रज्वलित तेज दिखाई देता है, जिसे देख वे रुक जाते है। उन लोगों की आँखें कुटिया से निकल रहे प्रकाश से चौंधिया जाती है, उन्हें लगता है कि सभी नागों ने अपनी मणियाँ उस कुटिया में लाकर रख दी हो या हीरों की खान में लाकर किसी ने चंद्रमा को रख दिया हो। साथ ही उन्हें यह भी लगता है कि इस तरह का तेज तो ऋषि अगस्त्य की कुटिया से निकलता है और तप द्वारा अर्जित की गई शक्तियों का प्रयोग असुरों के विरुद्ध होता है। अपने स्वामी लंकेश्वर के आदेश का पालन करने के लिए वे सभी वैष्णव की तपस्या को भंग करने हेतु पूरे तपोवन को भस्म करने निर्णय कर धरती पर उतरते है। उन्हें जब कुटिया के बाहर तपस्या करते हुए एक साध्वी दिखाई देती है, तो आश्चर्य होता है और वे कहते है कि हे साध्वी बंद करो ये तप, हे सुंदर नारी हम तुम्हें लंकेश्वर रावण की ओर से आदेश देते हैं। लंकेश्वर की ओर से यहाँ किसी को तप करने की आज्ञा नहीं है। लेकिन देवी वैष्णव अपने ध्यान में लीन रहती है। जिसे देख रावण के गुप्तचर दैत्य भड़क उठते है और देवी वैष्णव को भस्म करने का विचार बनाने लगते है। लेकिन एक दैत्य कंजरमुख का विचार कुछ और ही था, उसका कहना था कि ऐसी सुंदरी को नष्ट करना उसके सौंदर्य का अपमान है, लंकेश्वर सौंदर्य के मतवाले हैं और इसलिए उन्होंने सीता का हरण कर लिया है। हम भी उन्हें एक और सुंदर नारी उपहार में देंगे। सभी को यह विचार अधिक उचित लगता है और वैष्णव को बंदी बनाने के लिए वे सभी आगे बढ़ते है। लेकिन जैसे ही वे आगे बढ़ते है, सूर्यदेव के द्वारा प्रदान किए हुए कमण्डलू से एक दिव्य देव निकलता है। जिसे देख रावण के दैत्यों को देवी वैष्णवी की मायावी शक्ति का आभास हो जाता है। कमण्डलू से निकला हुआ दिव्य देव अपनी दिव्य शक्तियों के प्रयोग से सभी दैत्यों का संहार कर देता है। रामायण और जय श्री कृष्णा धारावाहिक को मिले अपार प्रेम के पश्चात रामानंद सागर जी ने धार्मिक धारावाहिकों की अगली श्रृंखला के रूप में जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण करके महर्षि मार्कण्डेय द्वारा जन कल्याण के लिए सुनाई गई माता महालक्ष्मी की दिव्य कथा को जन मानस के सामने प्रस्तुत किया है। भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी जिन्हें धन, सम्पदा और समृद्धि की देवी माना जाता है और उनकी अनुकम्पा से ही मनुष्य का जीवन का संचालन सुचारू रूप से चलता है। “तिलक” चैनल “दिव्य कथाएं” के इस संकलन के माध्यम से माता महा लक्ष्मी से जुड़े कुछ अमूल्य प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा है, जिसके अवलोकन/श्रवण करने से आप पर माँ लक्ष्मी की कृपा बरसेगी। अतः भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिये और तिलक से जुड़े रहिये। #tilak #jaimahalaxmi #mahalaxmi #jaimahalxmidivyakatha #divyakatha
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9:38Tilak
15 घंटे पहले